कानपुर में होमवर्क पूरा न होने पर 9वीं के स्टूडेंट ने सुसाइड कर लिया. छात्र ने रातभर पढ़ाई की. सुबह चाचा के साथ स्कूल गया, गेट पर पहुंचते ही रोने लगा और वापस घर आ गया. मंगलवार शाम को घर में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया.
घटना रावतपुर थाना क्षेत्र के विनायकपुर की है. बेटे को बुलाने के लिए मां कमरे में पहुंची तो वह फंदे से लटका हुआ था. यह देख मां चीखने लगी। आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी पहुंच गए. छात्र के शव को नीचे उतारकर तुरंत हैलट अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया. छात्र के चाचा का कहना है कि मेरा भतीजा पढ़ने में अच्छा था. स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के चलते सुसाइड किया है। हम स्कूल प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएंगे.
विनायकपुर निवासी दिनेश चंद्र कुशवाहा RTO में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं. वह ऑफिस गए थे. घर में पत्नी, दो बेटियां और 15 साल का बेटा दिव्यांश था. छात्र की मां ने बताया- सोमवार रात में दिव्यांश पढ़ाई करने के लिए अपने कमरे में चला गया. रातभर पढ़ाई कर रहा था। इसके बाद मैं भोर में पानी पीने के लिए उठी तो देखा दिव्यांश के रूम में लाइट जल रही है. मंगलवार की सुबह उठा तो कहने लगा कि अभी होमवर्क पूरा नहीं हुआ है. आज मैं स्कूल नहीं जाऊंगा.
हम लोगों ने कहा- तुम स्कूल जाओ कोई दिक्कत नहीं है. फिर वो तैयार हुआ। चाचा के साथ स्कूल गया. वहां गेट पर रोने लगा. चाचा उसे लेकर वापस घर आ गए. घर आने के बाद दिनभर वह गुमसुम था. शाम 4 बजे उसको बुलाया तो कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला, कमरे में गई तो वह फंदे से लटका हुआ था. तैयार होकर स्कूल गया लेकिन गेट से लौट आया चाचा प्रदीप कुशवाहा ने कहा- मेरा भतीजा दिव्यांश काफी पढ़ने में तेज था. वह शारदा नगर के भगवंती सेंटर एजुकेशन सेंटर में 9वीं क्लास पढ़ाई करता था. वह थोड़ा रिजर्व नेचर का था। घर-परिवार और पढ़ाई से ही मतलब रखता था.
दिव्यांश के चाचा प्रदीप कुशवाहा ने बताया कि मेरा भतीजा सुसाइड नहीं कर सकता है. प्रदीप ने बताया- सोमवार को दिव्यांश स्कूल से आया तो उदास लग रहा था. मैंने उससे पूछा क्या हुआ तो उसने कहा- कुछ नहीं चाचा, बस होमवर्क ज्यादा मिला है. बच्चे की मौत के बाद हम लोगों को समझ आया कि उसे होमवर्क के चलते स्कूल में मेंटल टॉर्चर किया जा रहा था. बच्चा इस कदर खौफ में था कि देर रात तक पढ़ाई करने के बाद भोर में भी पढ़ाई किया, लेकिन उसका होमवर्क पूरा नहीं हो सका था. शिक्षकों के डर के चलते वह स्कूल के गेट से ही मंगलवार को लौट आया था. स्कूल टीचरों के हैरसमेंट के चलते ही बच्चे ने सुसाइड किया है. वह स्कूल प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज कराएंगे जिससे आगे कोई बच्चा इस तरह के कदम न उठाए और स्कूल वाले बच्चों का इतना टॉर्चर न कर पाएं.